सीसीएफ बिलासपुर ने 72 घंटे में निरस्त किया अपना ही निलंबन आदेश, मुख्य वनसंरक्षक सवालों के घेरे में

सीसीएफ बिलासपुर ने 72 घंटे में निरस्त किया अपना ही निलंबन आदेश, मुख्य वनसंरक्षक सवालों के घेरे में
गौरेला–पेंड्रा–मरवाही:- जिले के मरवाही वनमंडल अंतर्गत खोडरी रेंज का मामला अब गरमा गया है। दो दिन पूर्व सीसीएफ बिलासपुर निरीक्षण पर खोडरी रेंज के साधवानी परिसर पहुंचे थे। यहां विभागीय कार्यों में लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने तत्काल प्रभाव से वनरक्षक राकेश राठौर ,परिसर रक्षक सधवानी को निलंबित कर रायगढ़ वनमंडल मुख्यालय से अटैच करने का आदेश जारी किया था।

लेकिन हैरानी की बात यह रही कि केवल 72 घंटे बाद सीसीएफ ने अपने ही निलंबन आदेश को निरस्त कर दिया। इस फैसले ने विभागीय कार्यप्रणाली और अधिकारियों की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, वन कर्मचारी संघ ने सीसीएफ के आदेश पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई थी। संघ का तर्क है कि सीसीएफ के पास प्रत्यक्ष रूप से वनरक्षक को निलंबित करने का अधिकार ही नहीं है। ऐसे में आदेश को निरस्त करने के पीछे नियमों की मजबूरी या फिर दबाव की आशंका जताई जा रही है।

अब सवाल यह उठता है कि…?
क्या सीसीएफ जैसे बड़े पद पर बैठे अधिकारी को नियम-कानून की जानकारी नहीं थी…?
या फिर निलंबित वनरक्षक राकेश राठौर प्रभावशाली होने के कारण संघ के सहारे दबाव बनाकर आदेश निरस्त कराने में सफल रहे…?
जनता के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि क्या अधिकारी और कर्मचारी आपसी लुका–छिपी का खेल खेलते रहेंगे और जनता का विकास का पैसा यूं ही बर्बाद होता रहेगा।सूत्रों की मानें तो आने वाले दिनों में यह मामला और तूल पकड़ सकता है, क्योंकि वन विभाग के अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आ रही है।







